Saturday, October 29, 2011

विरोध के बहुत से तरीके होते है! केवल अन्ना हजारेकी तरह मंच पे आके भूखे लेट जाना और अपने आस पास लोगो को जमा कर देना ही काफी नहीं होता!
आप बिना हथियार उठाये सरकार की कमर तोर्ड सकते है!
आप फिल्मो का विरोध करना शुरू कर दीजिये! जो टैक्स सरकार को जाता है "मनोरंजन कर" के नाम पर वोह जाना बंद हो जाएगा! इससे फ़िल्मी जगत की बड़ी हस्तियों कासरकार पर दवाब बढेगा की जनता की सही मांगो को मानो!
विदेशी कंपनी का विरोध कीजिये, उनके उत्पाद को कितनी भी सस्ती कीमत पर ना ले! इससे विदेशी कंपनी से मिलने वाले फंड बंद हो जायेंगे! आज की तारीख में हम विश्व पटल पर सबसे बड़े बाज़ार है जिसपे दुनिया भर के सभी विकशित देशो की नज़र है!
चुनाव आयोग को और राष्ट्रपति को ख़त लिखना शुरू कर दीजिये की जितनी भी राजनितिक पार्टी है उसे जल्द से जल्द भंग करे, और नई नई राजनितिक पार्टियों की स्थापना करे! और ध्यान रहे की इन सभी नई राजनितिक पार्टी में कोई भी पुरानी राजनितिक पार्टी का नहीं होना चाहिए और ना कोई उससे सम्बंधित!
क्रिकेट को देखनाऔर वहा जाके देखना पूरी तरह से बंद कर दीजिये, भले ही आपके न्यूज़ चैनल उनकोलेके कितना भी उत्साहित होके दिखाए!
सरकार ने आरक्षण के झासे में सभी देश को बाट रखा है!सभी को आगे आके उसका विरोध करना चाहिए! ऐसा करने से सरकार के पास सिमित वोट बेंक खतम हो जाएगा और वोह पुरे देश के लिए काम करेगी!
जनता के पास बहुत से तरीके होते है अपनी ही सरकार को पंगु बना देने का! क्युकी सरकार देशकी जनता से है, जनता देश की सरकार से नहीं!

Thursday, October 27, 2011

पूजे न शहीद गए तो फिर....!

पूजे न शहीद गए तो फिर, यह पंथ कौन अपनाएगा ?
तोपों के मुँह से कौन अकड़ अपनी छातियाँ अड़ाएगा??
चूमेगा फन्दे कौन, गोलियाँ कौन वक्ष पर खाएगा ???
अपने हाथों अपने मस्तक फिर आगे कौन बढ़ाएगा ????
पूजे न शहीद गए तो फिर आजादी कौन बचाएगा ?????
फिर कौन मौत की छाया में जीवन के रास रचाएगा ??????
पूजे न शहीद गए तो फिर यह बीज कहाँ से आएगा ???????
धरती को माँ कह कर,मिट्टी माथे से कौन लगाएगा ???????

Aaj k vigyapan Hume kya sikhate hain..?

हमारे विज्ञापन क्या सिखाते
हैं....... ..?????
हम किसी ब्राडं की बनियान पहिनतेहैं
तो लड़की सेट होती है !
हम किसी ब्राडं की चड्डी पहिनते हैं
तो लड़की सेट होती है !
हम किसी ब्राडं के जूते पहिने
तो लड़की सेट होती है !
हम किसी ब्राडं का जेल बालों में लगायें
तो लड़की सेट होती है !
हम किसी ब्राडं का सूट पहिने
तो लड़की सेट होती है !
हम किसी ब्राडं की ब्लेड से शेव बनायें
तो लड़की सेट होती है !
हम किसी ब्राडं की कार चलायें
तो लड़की सेट होती है !
हम किसी ब्राडं का चश्मा पहिने
तो लड़की सेट होती है !
हम किसी ब्राडं की काफी पियें
तो लड़की सेट होती है !
हम किसी खास ब्राडं का मोबाइलरखें
तो लड़की सेट होती है !
हम किसी खास ब्राडं का परफयूम/
डिओडोरेंट लगायें तो लड़की सेट होती है !
हम किसी खास ब्राडं की सिगरेटपिये
तो भी वही बात लड़की सेट होती है!
हम किसी खास ब्राडं की शराब पियें
तो वही बात लड़की सेट होती है!
हम किसी खास ब्राडं टूथपेस्ट से ब्रश
करते हैं तो भी लड़की सेट होती है !
लगभग* हम हर अपना कार्य सिर्फ
लड़की को सेट करने के लिये करते हैं और अब
तो हद ही हो गई.......! !!!
“दो प्राथमिक क़क्षा के छात्र बाइक में
प्रतिस्पर् धा करते हैं और एक
अपनी हमउम्र लड़की को सेट कर बाइक
पर बैठा कर ले जाता है”
हम क्या यह कभी पाते हैं कि एक लड़के ने
कोई भी इस तरह का काम
किया तो किसी लड़की ने उसे भाई
बनाया या किसी लड़के ने
किसी लड़की को मां, बहिन,
मौसी या किसी भी अन्य इस तरह के
किसी पाक रिश्ते में पाया !
हर वक्त हर समय हम लड़की को एक
ही नज़र से देखते हैं और वो है सिर्फ भोग
की द्र्ष्टी !
और यही बात हर उस विज्ञापन में
होती है जिसमें कोई लड़की कुछ
भी करती है तो उससे लड़्का सेट होता है,
और यही फिल्मों में भी होता है और
हीरो की बहिन अक्सर बलात्कार करने के
काम आती है!
क्या हमारी सोच, हमारा हर एक्ट सिर्फ
इसलिये है कि हम एक दूसरे को भोग
की दृ्ष्टि से देखें ! हमारी इस विकृत
मानसिकता से हम कब बाहर
आयेंगें... .????
"खामोशी से रहना वर्दाश्त नहीं मुझे
मरूंगा तो भी सन्नाटा तोड़ जाऊंगा ,
शीशा हूँ टूटूंगातो बिखरूंगा
जीता हूँ हनक के साथ,
टूटूंगा खनक के साथ
खनक के साथ खामियाजा छोड़ जाऊंगा." ---- राजीव चतुर्वेदी

Monday, October 24, 2011

Jai Hind..... Kuch saaal pehle sarso ke tel ke baare mai bahut halla kiya in MNC ne... aur dropsy ka ki aaad mai govt. ne bhi der nahi ki... Kaannon bana diya ki khula tel nahi bikaga... (jabki khula tel bechne mai kahi jyada aatimya samabh hota hai kharidaar aur bechnewale ka).. govt. ne MNC companies ke tel ke sample nahi liye.. AAAJ dekho Mere aur apke ghar mai refined ki dhoom hai......
abhi abhi ek article padha..... mithai mai milawat ka shor.... haa kuchch had tak yeh sahi hoga aur hai.. per kya saaari dukano mai milawat hi bik rahi hai....... . aur ussi prograaam kee beech beech mai CADBURY ka add..... ab batao.. kahi yeh bhi koi saazish na ho..... hamaare chhote chote halwaio ke khilaaaf.. .. 50 (add) * 2800=1,40,000 per day aur add dekha min. 5 corore logo ne... agar kharida min. 2Coroe* company price... Socho friends... .. profit.. akhir yeg. govt un logo ke khilaaf koi strict action aur jaanch kyo nahi karti... jaldi mai kaaanon bana degi ki deshi saaaman band...... socho friends... ... SWadeshi APNao
एक भारतीय Vivek Agnihotri जी के शब्दोँ मेँ---)-
दीपावली की फ़ुटकरखरीदारी करने बाज़ार गया था। दीपक, हार-फ़ूल, खील-बताशे इत्यादि छोटा-मोटा सामान खरीदा… लेकिन कहीं भी मोलतोल करने की जरा भी इच्छा नहीं हुई। जिसने जितने भाव बताए वह देकर चला आया। कोशिश सिर्फ़इतनी की, कि अधिकतर सामान फ़ुटपाथ पर बैठे छोटे-छोटे बच्चोंसे खरीदा।बात यह है कि जब हम टाटा, बिरला, अंबानियोंके बनाए हुए प्रोडक्ट बिना मोलतोल के खरीद लेते हैं, बड़े होटलों में खाने का जो बिल बनता है हँसते हुए दे डालते हैं, अवैध पार्किंग में गुण्डों को बाइक पार्क करने के 5-10रुपये (कार के 20-30रुपए) बिना चूं-चपड़किय े दे देते हैं… तो फ़िर फ़ुटपाथपर दिन भर धूप में बैठे बच्चों से छोटी-छोटी वस्तुओं पर मोल तोल करना एक प्रकार की अमानवीयता है।सोचिये यदि कोई बच्चा या गरीब औरत दिन भर धूप में मेहनत करके, ट्रेफ़िक-सि पाही की झिड़कियाँखाते, शराबी बाप की गालियाँ खाते हुए मिट्टी के 500-800 दीपक या 1500-2000 रुपये के हार-फ़ूल बेच भी लेते है, तो वह हमसे कितना कमा लेंगे? निश्चित रूप से उतना तो नहीं, जितना एक बार मोबाइल रीचार्ज करवाने पर सुनील भारती मित्तल हमसे कमाता होगा… तब इन लोगों से क्यों इतना मोलभाव करना? आप भी ऐसा कर के देखिये मन को अच्छा लगेगा..... !!!


सभी को धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाये ँ
माँ लक्ष्मी की कृपा सब पर बनी रहे

दुनिया में सबसे ज्यादा पठाखे इसाइयों के नए साल पर छूटते है ...

दुनिया में सबसे ज्यादा पठाखे इसाइयों के नए साल पर छूटते है ...
सबसे ज्यादा शराब३१ दिसंबर की रात उंडेली जाती है ...
सबसे ज्यादा जुआ ३१ दिसंबर की रात को खेला जाता है ...
सबसे ज्यादा बेहूदा मजाके 1 अप्रेल को की जाती है...
फिर भी हमेशा होली दीपावली को ही इन सबकी चर्चा मिडिया में छा जाती है....
यह है एस देश का इसाई चर्चो द्वारा पोषित मिडिया...

Sunday, October 23, 2011

शहीद अशफ़ाक़ुल्ला ख़ान

शहीद अशफ़ाक़ुल्ला ख़ान के जीवन की कुछ प्रेरणादायक घटनाये
एक बार शहीद अशफ़ाक़ुल्ला ख़ान किसी कारन से बेहोश हो गए तो बेहोशी की हालत में राम राम पुकारने लगे. उनके घर वाले अचरज में आकार सोचने लगे की एक मुस्लमान होते हुए भी वे राम राम क्यूँ पुकार रहे हैं. पास खड़ा एक मित्र इस रहस्य को समझ गया और राम प्रसाद बिस्मिल जी को बुला लाया जिनके आने से अशफ़ाक़ुल्ला जी शांत हो गए. ऐसे थीदोनों की मित्रताजो मत मतान्तर के आपसी भेदभाव से कहीं ऊपर उठ कर थी.
एक बार कानपूर आर्यसमाज में बिस्मिल जी और अशफ़ाक़ुल्ला ख़ान जी कुछ मंत्रणा कर रहे थे की कुछ मुस्लिम दंगाइयों ने वहांहमला कर दिया. अशफ़ाक़ुल्ला ख़ान जी ने अपनी पिस्तोल निकल कर उनकी तरफ करके चेतावनी देकर कहाकी रूक जाओ यह आर्यसमाज मेरा घरहैं अगर इसकी एक ईट को भी नुकसान पंहुचा तो आज तुम में से कोई जिन्दा नहीं बचेगा.दंगाई डर कर वापिस भाग गए.
जब जेल में अशफ़ाक़ुल्ला ख़ान और बिस्मिल जी बंद थे तो एक मुस्लिम थानेदार ने अशफ़ाक़ुल्ला जी को इस्लाम की दुहाई देते हुए कहाँ की तुम एक मुस्लमान होते हुए भी हिन्दुओं का साथ दे रहे हो तो अशफ़ाक़ुल्ला ख़ान जी ने कहाँ की मेरे लिए एक हिन्दू राष्ट्र अंग्रेजी हुकूमत से कहीं ज्यादा अच्छी हैं.वह मुस्लिम थानेदार मायूस होकर चला गया पर इस्लाम की दुहाई देकर उन्हें सरकारी गवाह नहीं बना सका.
धन्य हैं वह माँ जिनकी कोख से अशफ़ाक़ुल्ला ख़ान जैसे शहीद पैदा हुए जिनके लिए मत से ऊपर उनका देश था. आज केमुसलमानों के लिएअशफ़ाक़ुल्ला ख़ान सबसे आदरणीयएवं अनुसरणीय मुसलमान हैं क्यूंकि उन्होंने देश को अंग्रेजों से आजाद करवाने में अपनी शक्ति लगाई नाकि पाकिस्तान को बनाने में.
अशफ़ाक़ुल्ला ख़ान की शायरी उनके सच्चे मुस्लमान होने कासबूत हैं जिसमे उनकी इच्छा जन्नतकी नहीं अपितु बार बार जन्म लेकर इस देश की सेवा करने की हैं.
“जाऊँगा खाली हाथ मगर ये दर्द साथ ही जायेगा, जाने किस दिन हिन्दोस्तान आज़ाद वतन कहलायेगा?
बिस्मिल हिन्दू हैं कहते हैं “फिरआऊँगा,फिर आऊँगा,फिर आकर के ऐ भारत माँ तुझको आज़ाद कराऊँगा”.
जी करता है मैं भी कह दूँ पर मजहब से बंध जाता हूँ,मैं मुसलमान हूँ पुनर्जन्म की बातनहीं कर पाता हूँ;
हाँ खुदा अगर मिल गया कहीं अपनी झोली फैला दूँगा, और जन्नत के बदले उससे यक पुनर्जन्म ही माँगूंगा.”